ये अश्क़ होते मोती (ग़ज़ल संग्रह)- डॉ अर्चना गुप्ता

शीर्षक

ये अश्क़ होते मोती (ग़ज़ल संग्रह)

रचनाकार

डॉ अर्चना गुप्ता

प्रकाशक

साहित्यापीडिया पब्लिशिंग

प्रकाशन वर्ष– 2017

पुस्तक विवरण

‘ये अश्क होते मोती’ डा. अर्चना गुप्ता जी द्वारा रचित एक उत्कृष्ट ग़ज़ल-संग्रह है। हर ग़ज़ल का हर शेर बेहद सरल शब्दों में लिखा गया है जिससे पाठक ग़ज़ल की गहराई में छुपे लेखक के भावों का एहसास कर पाता है|

यह पुस्तक विश्व भर में उपलब्ध है|

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रचनाकार परिचय

इस ग़ज़ल संग्रह की लेखिका डॉ अर्चना गुप्ता एम. एस. सी. (भौतिक विज्ञान), एम. एड. (गोल्ड मेडलिस्ट) एवं पी.एच डी. हैं और अध्यापन कार्य से जुड़ी रही हैं। भौतिक विज्ञान में इनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्र प्रकाशित हैं।

इनका जन्म 15 जून को जिला मैनपुरी में हुआ तथा शिक्षा जिला बिजनौर (उप्र) में हुई। वर्तमान में जिला मुरादाबाद (उप्र) की स्थायी निवासी हैं। गायन और लेखन में इनकी विशेष रुचि है।

इनके गीत, ग़ज़ल आदि अनेक रचनाएँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। टी वी और रेडियो पर इनके कार्यक्रम प्रसारित होते रहते हैं।

डॉ अर्चना की अनेकों रचनाएँ साझा काव्य संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। इन्होने विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर काव्य पाठ किया है और इन मंचों पर साहित्य गौरव सम्मान, मुक्तक रत्न सम्मान, गोपाल दास नीरज गीतिकाकार सम्मान, संस्कृति दूत सम्मान, पर्यावरण मित्र सम्मान सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित भी हो चुकी हैं।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी एवं आकर्षक व्यक्तित्व की स्वामिनी डॉ अर्चना गुप्ता दुनिया भर के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाए गए एक बहुत बड़े संगठन साहित्यपीडिया की सह संस्थापक हैं। वर्तमान में अध्यक्ष के रूप में इनका कुशल नेतृत्व प्राप्त होने से इस संगठन ने बहुत ही कम समय मे नित नई ऊंचाइयों को छुआ है।

वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से होने के बावजूद डॉ अर्चना गुप्ता ने बहुत ही अल्प समय में गीत, ग़ज़ल, छंद की दुनिया में खुद को स्थापित किया है।


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5 thoughts on “ये अश्क़ होते मोती (ग़ज़ल संग्रह)- डॉ अर्चना गुप्ता”

  1. बहुत बहुत शुभकामनाएं अर्चना जी “ये अश्क होते मोती” के लिए।💐💐💐💐

  2. थैंक्स निर्देश निधि जी आपके इस स्नेह के लिए ।।

  3. आपकी उल्लेख्य उपलब्धि पर हृदय से बधाई।
    साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से आप भी जुड़ी हैं, यह जानकर अच्छा लगा।
    मुक्तक संग्रह प्रकाशन की मेरी भी योजना है, आपके प्रकाशन संस्थान की क्या प्रक्रिया है, कृपया बताने का कष्ट करें।

  4. कामयाबी और शोहरत ,,, की बुलंदियों आपके इस्तक़बाल में दोजानु रहें,,इन्हीं कामनाओं के साथ,,

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